bawaseer ki dawa बवासीर की दवा

bawaseer ki dawa
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा
bawaseer ki dawa 

बवासीर ऐसी बीमारी है जिसे बताने में भी शर्म आती है इस बीमारी में मरीज को कब्ज तो होता ही है साथ ही पेट तथा मलद्वार में असहनीय दर्द,जलन व काँटो जैसी चुभन होती है इस रोग में मलाशय के चारो तरफ नसों में सूजन व तनाव हो जाता है और लम्बे समय इलाज न करने से गाठों का रूप ले लेती है रगड़ व दबाव पड़ने पर रक्त आना भी सुरु हो जाता है।बवासीर मुख्यतः चार प्रकार की होती है अंदरूनी,बाहरी,प्रोलेप्सड और खूनी

बवासीर होने के कारण

1. बवासीर होने का कारण है कब्ज
2. शौच के समय पेट का साफ़ न होना
3. गुदा मैथुन से भी बवासीर की समस्या हो जाती है
4. प्रेगनेंसी के दौरान गुदा पर दबाव पड़ने के कारण भी बवासीर की समस्या हो जाती है
5. अनुवांशिक की कारण पीढ़ी दर पीढ़ी बवासीर हो सकती है
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा ,piles medicin
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा 

बवासीर के लक्षण

लेख बवासीर की दवा में लक्षण इस प्रकार है –
मल त्याग करते वक्त गुदा में दर्द जलन होना
मल त्याग करते वक्त गुदा से खून का आना
गुदा से बलगम जैसे पदार्थ का स्राव होना
मल द्वार में सूजन तथा खुजली होना और भी कई लक्षण हो सकते है। 

bawaseer ki dawa,बवासीर की दवा, उपाय व विधि-

1.      bawaseer ki dawa है किशमिश
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा ,piles medicin
10-15 किशमिश को रात्रि में 1 कटोरी पानी में भिगो दे और सुबह होने  पर  फूले हुए किसमिश को उसी पानी में फोड़कर मसल दे  तैयार हो  गयी  बवासीर की दवा  इसे खली पेट पिए  इससे आप का पाचन क्रिया ठीक हो जाती है। इससे मल त्याग करने में रहत मिलती है। ये बहार निकले हुए मस्से को ठीक करता है। 1हफ्ते में ही खून का निकलना भी बंद हो जाता है।
2.      bawaseer ki dawa है नींबू अजवाइन व काला नमक-
नींबू अजवाइन व काला नमक बवासीर में बहुत फायदेमंद है  विधि एक गिलास पानी में आधे कटे नीबू का रस, आधे चम्मच से कम पिसा हुआ अजवाइन व चौथाई चम्मच काला नमक को अच्छे से मिलाना है और पीना है दिन में एक बार किसी भी समय पी सकते है रोजाना इसे पिए इससे आंतों में जमा मल नरम होकर निकल जाता है साथ ही आंतों की सफाई भी करता है । ये पेट दर्द व गैस को तुरंत ठीक कर देता है।
3.      bawaseer ki dawa है हल्दी -
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा ,piles medicin
हल्दी भी बवासीर में बहुत कारगर साबित होती है हल्दी बहुत ही गुणकारी औसधि है इसमें एंटीसेप्टिक व एंटीबायोटिक गुण विधमान होते है उपयोग करने की विधि -आधा चम्मच देसी घी या एलोविरा के रस में चौथाई चम्मच हल्दी मिला कर पेस्ट बना ले फिर सोते समय इसे गुदा के अंदुरुनी भाग व बाहरी भाग में लगाए।
4.      बवासीर की दवा है केला व कपूर - किसी भी प्रकार की बवासीर हो केला व कपूर से तुरंत फायदा होगा विधि- एक केला ले उसमे देशी कपूर एक चने के दाने के बराबर उसमे जगह बनाकर रख दे और उस केला का सेवन करे एक हफ्ते इसके फायदे  सामने आ जायेगे।
5.      बवासीर की दवा है त्रिफला चूर्ण - इसका शाब्दिक अर्थ है 'तीन फल'3 ऐसे फलों का मिलन है जो तीनों ही  गुणों से भरपूर है। आंवला, हरड़ और बहेड़ा।इन्हें अमलकी, हरितकी और विभीतक कहा जाता  है। पेट, दिल,आँखों व रोग प्रतिरोधक छमता से जुड़ी सभी समस्याओं का निदान करता है ये चूर्ण जो बवासीर को ठीक करने में बहुत मदद करता है। विधि - रात्रि सोते समय एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को खाये व गुनगुना दूध पिए।           त्रिफला चूर्ण मांगने के लिए ( click hear…. )
दोस्तों आपको बताई ५ बवासीर की दवा का उपयोग करके किसी भी प्रकार की बवासीर से छुटकारा पा सकते है परहेज-  में बीड़ी सिगरेट का सेवन न करे क्यूंकि ये मल को सूखा देता है,ज्यादा मिर्च-मसालेदार भोजन न करे





इसे भी पढ़े :Get up early in the morning