घुटनो का दर्द

घुटनो का दर्द
घुटनो का दर्द,ghutno ke dard ki dawa

आजकल के जवानों को भी घुटनो में दर्द की समस्या आने लगी है अभी तक यह समस्याएं केवल वृद्धों को  होती थी. आज के युग में कोई भी बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है क्योंकि लोगों की व्यस्तता उनका खान-पान और उनकी जीवन शैली पर कोई लगाम नहीं रहा  है ‘‘ पहला सुख है सुंदर काया ’’ इस बात को ध्यान रखते हुए आपको अपने शरीर के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए .तो बात करते हैं घुटनो का दर्द
यह बहुत ही दर्दनाक ,तकलीफदायक होता है 


घुटनो का दर्द होने के कारण


1.घुटनों की मांसपेशियों में रक्त का संचार सही से न  हो पाने के कारण
2.शरीर का वजन  हड्डियों के अनुपात में ज्यादा बढ़ जाने के कारण
3.घुटनों का कार्टिलेज व  लिगामेन्ट मैं घिसाव हो जाने के कारण भी घुटनो का दर्द उत्पन्न हो जाता है
4. अत्यधिक परिश्रम करने पर भी जैसे मजदूरी या जिम में परिश्रम के कारण भी घुटनो में दर्द हो सकता है 
5.घुटनों में  अचानक चोट से जमा  खून का ना निकल पाने के कारण घुटनो में दर्द की समस्या हो जाती है 
6. झटका,मोच या गलत ढंग से  चलने पर भी घुटनों में दर्द हो सकता है
7.वृद्धावस्था में शारीरिक ऊर्जा कम हो जाने के कारण घुटनो में दर्द होने की समस्या हो जाती है
8.घुटनों में संक्रमण होने के कारण

घुटनो का दर्द ठीक करने के उपाय-


 परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है घुटनो का दर्द आपके जीवन की रुकावट नहीं  बनेगा हम आपके लिए लाए हैं घुटनो का दर्द ठीक करने के आसान से घरेलू तरीके जो पूर्ण आयुर्वेदिक और कारगर है

1. जैतून का तेल-
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जैतून के तेल में मौजूद  ओलेयूरोपिनऔर टायरोसोल तत्व विद्यमान होते हैं जो घुटनो के दर्द से राहत दिलाता है  इसे बच्चों की मालिश में प्रयोग किया जाता है ताकि हड्डियां मजबूत हो सके 
उपयोग करने का तरीका -
जैतून के  तेल को धूप में रख दें हल्का गर्म होने पर उस तेल से हल्के हाथों मसाज करें धीरे-धीरे मसाज करें ताकि वह तेल त्वचा में समा जाए ऐसा दिन में दो बार जरूर करें । जैतून का तेल मंगवाने के लिए (click here...)

2. ठंडी और गर्म सिकाई-
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घुटनों के दर्द में ठंडी और गर्म सिकाई बहुत जल्द आराम देती है दोनों को एक साथ करना होता है सिकाई करने से दर्द और सूजन दोनों  चले जाते हैं घुटने पर पहले एक ठंडे ( बर्फ ) पानी के पैकेट से सिकाई करें जो दर्द वाली जगह को संवेदन-शून्य कर देता है फिर एक गर्म पानी के पैकेट  से सिकाई करें जो रक्त प्रवाह बढ़ता है यह सिकाई दिन में दो बार जरूर करें ताकि घुटनों के दर्द में जल्दी आराम मिल सके
सिकाई करने का बैग online मंगवाने के लिए (click hear............)

3. देशी मेथी-
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मेथी रसोईघर या बाजार में आसानी से  उपलब्ध हो जाती है इसमें एनाल्जेसिक गुण होने के कारण यह दर्द निवारक व सूजन को कम करती है प्रयोग करने  का तरीका- इसे प्रयोग करने का तरीका बहुत ही आसान है रात में 2 चम्मच मेथी दाना को गुनगुने पानी में भिगो दें और सुबह होने पर मेथी दानों को चबाकर खाएं ताकि उसकी लार  आपके पेट में जा सके और साथ ही उस पानी को भी पिए हो सके तो इसे खाली पेट ही प्रयोग करें

4.सेब का सिरका-
GHUTNO KA DARD,
सेब का सिरका जोड़ो के दर्द और सूजन में बहुत ही कारगर है क्यों की इसमें चमत्कारी गुण होते है ।
उपयोग करने का तरीका - एक गिलास  साधरण पानी में एक चम्मच सेब के सिरके को अच्छे से मिलाएं और इसे प्रतिदिन खाली पेट पिए . तथा एक चम्मच सिरका में एक चम्मच अरंडी का तेल को मिलाकर दर्द वाले स्थान पर मालिश करे .मालिश दिन में दोबार जरूर करे ताकि जल्द से जल्द आराम मिले।सेब का सिरका मँगवाने के लिए  ( CLICK  HERE..)

अन्य सुझाव - घुटने से सम्बंधित योगासन जरूर करे,दूध दही जरूर खायें ,यदि आप नॉनवेज है तो मछली हफ्ते में दो बार खाये ,पानी भरपूर मात्रा में पिए काम से कम ४ लीटर प्रति दिन,एक्सरसाइज जरूर करे ताकि रक्त का संचार अच्छे तरीके से हो सके,जूते चप्पल हमेशा आरामदायक होना चाहिए,पौष्टिक आहार लें ताकि हड्डियां मजबूत और मांसपेशियां ताकतवर बने।
हमें उम्मीद है इन घरेलू उपायों से घुटनो के दर्द में जरूर फायदा होगा कृपया अपने विचार और सुझाव कमेंट के जरिए हमारे साथ शेयर जरूर करें और हा दोस्तों इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ नीचे लगे हरे बटन से शेयर जरूर करे ताकि उन्हें भी लाभ हो सके धन्यवाद 

पेट में गैस-Gas in Stomach

Gas in Stomach-पेट में गैस


दोस्तों आज हम बदलती हुई लाइफ स्टाइल को देख ही रहे है हर चीज बदलती  जा रही है व्यस्तता के कारण आज हर इंसान अपना काम शॉर्टकट मै करना चाहता है चाहे वह भोजन की हो या कपड़ों के तरीके की हो या वो सफर करने की हो या कमाने की हो , इन सब चीजों को देखते हुए इंसान अपने स्वास्थ्य को बिल्कुल भूल ही जाता है और जब बीमार पड़ता है तो उसमें भी शॉर्टकट ही अपनाता है डॉक्टर के पास गए 2 इंजेक्शन लगवा लिया 4 टेबलेट खा लिया ठीक हो गये क्या कभी  एलोपैथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट के बारे में सोचा या जानने की कोशिश की यह प्राकृतिक शरीर प्रकृति की सामग्रियों से बना है हमें केमिकल युक्त दवाइयों का उपयोग नहीं करना चाहिए कोई विशेष परिस्थिति हो तब कर सकते हैं अन्यथा प्राकृतिक औषधियों का उपयोग करना चाहिए आज हम बात कर रहे हैं पेट मे गैस की समस्या के क्या परिणाम होते हैं भूख कम लगना , पेट में दर्द होना , सिर में दर्द होना , सांस लेने में परेशानी, पेट ,खट्टी डकार आना और भी कई समस्याएं हो सकती हैं

किन कारणों से पेट में गैस की समस्या होती है-

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पेट मे गैस बनने के कारण

पेट में गैस बनने के कई कारण हैं कुछ इस प्रकार
1. पेट में अच्छे और खराब बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाने के कारण पेट में गैस बनती है।
2. उम्र बढ़ने पर हमारा डाइजेशन अच्छे से कार्य नहीं करता है इस कारण भी पेट में गैस बनने लगती है। 
3. कब्ज होने के कारण भी हमारे शरीर से टॉक्सिंस बाहर नहीं आ पाते हैं इस कारण भी पेट में गैस बनती है।
4. कुछ एलोपैथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट होने के कारण भी हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया कमजोर पड़ जाते हैं इस कारण भी पेट में गैस बनती है।
5. यदि खाने को अच्छे तरीके से चबाके नहीं खाया तो इस कारण भी पेट में गैस बनने लगती है। 
6. ज्यादा चिकनाई युक्त भोजन खाने से हमारा पाचन तंत्र पचा नहीं पाता है  इस कारण भी पेट में गैस बनने लगती है ।
7. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर पेट में गैस बनती है
8. कभी-कभी अधिक तनाव लेने के कारण भी  पेट में गैस बनने लगती है
9. बाइल एसिड के जमा होने पर पेट में गैस बनने लगती है
10. अधिक शराब काफी-चाय पीने से भी पेट में गैस बन सकती है
11. प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण भी पेट में गैस बनती है
12.खाली पेट रहने से भी पेट में गैस बनती है इसलिए समय पर खाना खाते रहना चाहिए


पेट में गैस बनने पर इन घरेलू नुस्खों का उपयोग करें 
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1.आंवला एलोवेरा जूस  1-1 चम्मच और उसमें काला नमक मिलाकर
पिए 
2.नींबू वह अदरक का एक एक चम्मच जूस निकाले उसमें एक चुटकी
काला नमक मिलाकर पीएं इससे पेट की गैस दूर हो जाएगी 
3. भुनी हुई हींग में काला नमक मिलाकर चूर्ण बनाने इस चोर को खाने
के बाद खाकर हल्का गुनगुना पानी पीने से पेट में गैस नहीं बनती है
4. अजवाइन के चूर्ण में हल्का काला नमक मिलाकर खाने से पेट में हुई
गैस से राहत मिलती है 
5.एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से पेट में 
गैस से राहत मिलती है
6. दो चम्मच खड़ा धनिया रात्रि को एक गिलास पानी में भिगो दें सुबह
इस को छानकर पिएं इससे पेट में गैस की समस्या दूर हो जाती है
7.प्रतिदिन व्यायाम  करें इससे भी पेट मे गैस की सारी समस्याएं दूर हो
जाती है
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पेट में गैस बनने पर करें परहेज

1. खाली पेट बिल्कुल नहीं रहना है  अंकुरित आहार जरूर ले
2. पानी अधिक मात्रा में पिएं ताकि पेट सा रहे और पेट में गैस ना बने
3. सिगरेट और शराब का सेवन बहुत कम मात्रा में करना है
4. ज्यादा तला हुआ भोजन ना खाएं
दोस्तों यह जानकारी बहुत ही उपयोगी है आप से निवेदन है इसे अपने
दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ हरे बटन पर क्लिक करके शेयर जरूर करें ताकि उन्हें भी लाभ हो सके और अंग्रेजी दवाइयों से बच सकें  धन्यवाद
जय हिंद जय भारत जय आयुर्वेद
 इसे भी पढ़ें: बवासीर की दवा



bawaseer ki dawa बवासीर की दवा

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bawaseer ki dawa बवासीर की दवा
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बवासीर ऐसी बीमारी है जिसे बताने में भी शर्म आती है इस बीमारी में मरीज को कब्ज तो होता ही है साथ ही पेट तथा मलद्वार में असहनीय दर्द,जलन व काँटो जैसी चुभन होती है इस रोग में मलाशय के चारो तरफ नसों में सूजन व तनाव हो जाता है और लम्बे समय इलाज न करने से गाठों का रूप ले लेती है रगड़ व दबाव पड़ने पर रक्त आना भी सुरु हो जाता है।बवासीर मुख्यतः चार प्रकार की होती है अंदरूनी,बाहरी,प्रोलेप्सड और खूनी

बवासीर होने के कारण

1. बवासीर होने का कारण है कब्ज
2. शौच के समय पेट का साफ़ न होना
3. गुदा मैथुन से भी बवासीर की समस्या हो जाती है
4. प्रेगनेंसी के दौरान गुदा पर दबाव पड़ने के कारण भी बवासीर की समस्या हो जाती है
5. अनुवांशिक की कारण पीढ़ी दर पीढ़ी बवासीर हो सकती है
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा ,piles medicin
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा 

बवासीर के लक्षण

लेख बवासीर की दवा में लक्षण इस प्रकार है –
मल त्याग करते वक्त गुदा में दर्द जलन होना
मल त्याग करते वक्त गुदा से खून का आना
गुदा से बलगम जैसे पदार्थ का स्राव होना
मल द्वार में सूजन तथा खुजली होना और भी कई लक्षण हो सकते है। 

bawaseer ki dawa,बवासीर की दवा, उपाय व विधि-

1.      bawaseer ki dawa है किशमिश
bawaseer ki dawa बवासीर की दवा ,piles medicin
10-15 किशमिश को रात्रि में 1 कटोरी पानी में भिगो दे और सुबह होने  पर  फूले हुए किसमिश को उसी पानी में फोड़कर मसल दे  तैयार हो  गयी  बवासीर की दवा  इसे खली पेट पिए  इससे आप का पाचन क्रिया ठीक हो जाती है। इससे मल त्याग करने में रहत मिलती है। ये बहार निकले हुए मस्से को ठीक करता है। 1हफ्ते में ही खून का निकलना भी बंद हो जाता है।
2.      bawaseer ki dawa है नींबू अजवाइन व काला नमक-
नींबू अजवाइन व काला नमक बवासीर में बहुत फायदेमंद है  विधि एक गिलास पानी में आधे कटे नीबू का रस, आधे चम्मच से कम पिसा हुआ अजवाइन व चौथाई चम्मच काला नमक को अच्छे से मिलाना है और पीना है दिन में एक बार किसी भी समय पी सकते है रोजाना इसे पिए इससे आंतों में जमा मल नरम होकर निकल जाता है साथ ही आंतों की सफाई भी करता है । ये पेट दर्द व गैस को तुरंत ठीक कर देता है।
3.      bawaseer ki dawa है हल्दी -
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हल्दी भी बवासीर में बहुत कारगर साबित होती है हल्दी बहुत ही गुणकारी औसधि है इसमें एंटीसेप्टिक व एंटीबायोटिक गुण विधमान होते है उपयोग करने की विधि -आधा चम्मच देसी घी या एलोविरा के रस में चौथाई चम्मच हल्दी मिला कर पेस्ट बना ले फिर सोते समय इसे गुदा के अंदुरुनी भाग व बाहरी भाग में लगाए।
4.      बवासीर की दवा है केला व कपूर - किसी भी प्रकार की बवासीर हो केला व कपूर से तुरंत फायदा होगा विधि- एक केला ले उसमे देशी कपूर एक चने के दाने के बराबर उसमे जगह बनाकर रख दे और उस केला का सेवन करे एक हफ्ते इसके फायदे  सामने आ जायेगे।
5.      बवासीर की दवा है त्रिफला चूर्ण - इसका शाब्दिक अर्थ है 'तीन फल'3 ऐसे फलों का मिलन है जो तीनों ही  गुणों से भरपूर है। आंवला, हरड़ और बहेड़ा।इन्हें अमलकी, हरितकी और विभीतक कहा जाता  है। पेट, दिल,आँखों व रोग प्रतिरोधक छमता से जुड़ी सभी समस्याओं का निदान करता है ये चूर्ण जो बवासीर को ठीक करने में बहुत मदद करता है। विधि - रात्रि सोते समय एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को खाये व गुनगुना दूध पिए।           त्रिफला चूर्ण मांगने के लिए ( click hear…. )
दोस्तों आपको बताई ५ बवासीर की दवा का उपयोग करके किसी भी प्रकार की बवासीर से छुटकारा पा सकते है परहेज-  में बीड़ी सिगरेट का सेवन न करे क्यूंकि ये मल को सूखा देता है,ज्यादा मिर्च-मसालेदार भोजन न करे





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how to increase weight (वजन कैसे बढ़ाये)


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दुर्बल और पतले शरीर वाले को डॉक्टर भी सलाह देते आप अपने शरीर का वजन बढ़ाये कारण इसका सीधा है- स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्याओं को आपका शरीर झेल नहीं पाता है और आप जल्दी बीमार पड़ जाते है ।साथ ही इन प्रकार की बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है जैसे  कुपोषण, हड्डियों की कमजोरी, प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना ,बाँझपन का होना ,सूखा रोग , शारीरिक विकास में देरी होना आदि. आपको एक बात और बतादे की वजन कम करना एक बहुत बड़ी चुनौती हो जाती है वही वजन बढ़ाना बहुत ही आसान है। अगर वाकई में आपको वजन बढ़ाना है तो आप उतना खाने में ऊर्जा को ग्रहण करो जिसका आधा आप ऊर्जा को खर्च कर देते है। तात्पर्य यदि शरीर दिन में 5 यूनिट ऊर्जा को खर्च करता है तो आप 7 यूनिट ऊर्जा वाला भोजन ग्रहण करे ताकि 2 यूनिट ऊर्जा सरप्लस रहे . और आपका शरीर वजन प्राप्त कर सके।  
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कम वजन या दुबलेपन के कारण-

  इस लेख how to increase weight दुर्बल और पतले शरीर होने के कई कारण है जैसे:-
  • खाने में (मंचर) रूचि न होना
  • अनुवांशिकता के कारण 
  • पाचन क्रिया का ठीक न रहना
  • पेट में फीता क्रम जैसे जीवाणु होने के कारण
  • पाचन क्रिया, लिवर का दुरस्त न रहने के कारण
  • संतुलित आहार न लेने के कारण

कम वजन या दुबलेपन के साइड-इफ़ेक्ट :-


इस लेख how to increase weight में कम वजन या दुबलेपन के कुछ साइड-इफ़ेक्ट है जो इस प्रकार है :-

  • दुबलेपन के कारण समाज से कतराने लगना
  • हमारे अंदर हीन-भावना आ जाती है जो उचित नहीं है
  • दुबलापन हमारी पर्सनालिटी पर बहुत ही इफ़ेक्ट डालती है
  • दुबलेपन के कारण हमेशा तनाव से ग्रस्त रहना
  • दुबलेपन के कारण मनपसंद कपड़ो का चयन न हो पाना
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how to increase weight के कुछ आसान टिप्स :-

1.    पौष्टिक भोजन खाये :-  खाने में हमेशा पौष्टिक भोजन ले जैसे दूध,फल,हरी सब्जियाँ,सूखे मेवे,अंडा,मछली,मांस ये पोस्टिक आहार ही हमारी मांसपेसियों को बढ़ाता है जिससे शरीर ग्रोथ करता है और वजन बढ़ता है

2.    व्यायाम और योगा करें:-     व्यायाम करने से शरीर तंदुरुस्त रहता है साथ ही भूख लगना भी आरम्भ हो जाता है व पाचन तंत्र भी अच्छे से कार्य करने लगता है जिसके फलस्वरूप आपका वजन बढ़ना आरम्भ हो जाता है।

3.    गहरी नींद ले :- नींद की मात्रा में कमी न करे क्यूंकि ज्यादा जागने से शरीर की ऊर्जा ज्यादा नस्ट होती है इस लिए कम से कम 8 घंटे जरूर सोये ताकि आप ताजगी महसूस करे और वजन बढ़ सके।

4.    पानी पिये भरपूर :- how to increase wait पानी पीना हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद है ज्यादा पानी पीना शरीर की कोशिकाओं को बढ़ने में सहता करती है व अवसिस्त पदार्थो ,टॉक्सिन्स को निकाल देता है पानी हमारे शरीर में फुर्ती बनाये रखता है जिसके कारण एक्‍सरसाइज करते समय कमजोरी महसूस नहीं होती है।

5.    तनाव मुक्त रहे :- तनाव लेने के कारण आप ने देखा होगा की लोग सूख जाते है दुबले हो जाते है खुश रहना सीखें जो जिंदगी जीने का सबसे बड़ा मूल मंत्र है। तनाव या चिंता बीमारियों का बहुत बड़ा घर है। यदि आप वजन बढ़ाने  के बारे में सोच रहे है तो तनाव न ले वर्ना कोई भी नुस्खा कारगर नहीं होगा।

6.    करे मसाज या मालिश :- अपने शरीर के आकार को बढ़ाने के लिए करे नियमित मालिश , मालिश से कोशिकाओं को अतिरिक्त ऊर्जा प्राप्त होती है इसे करने से रक्त का संचार सही ढंग से होता है मालिश आप प्रतिदिन या 1 दिन छोड़ कर कर सकते है
परहेज :- शराब ,धूम्रपान ,तनाव ,चिंता ,जंक फूड, नशीली दवाई  का उपयोग न करे
यदि आप ये how to increase weight टिप्स अपनाते है तो जरूर ही आप का वजन बढ़ेगा . आशा करता हूँ आप को ये लेख पसंद आया होगा हो सके तो इसे हरे बटन से दोस्तों और रिस्तेदारो के साथ शेयर जरूर करे धन्यवाद







how to control high blood pressure at home,घर पर उच्च रक्तचाप को कैसे नियंत्रित करें


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एक स्वस्थ शरीर वाले इंसान का ब्लड प्रेशर अधिक्तम 120 इकाई और न्यूनतम 80 इकाई होना चाहिए जब ब्लड प्रेशर इससे अधिक बढ़ जाता है तो इसे नजरंदाज या  लापरवाही न करे आगे चलकर ये बहुत ही गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है।जानते है कौन से ऐसे कारण है जो हाई ब्लड  प्रेशर के कारक है    
ज्यादा मात्रा में नमक का सेवन करने से, धूम्रपान और नशीले पदार्थ, शराब का सेवन करने से ,किसी विशेष प्रकार की दवाइयों का लम्बे समय से सेवन करने से, देर रात तक जागने से, तनाव लेने और चिंता करने से,शरीर का वजन बढ़ जाने के कारण,लम्बे समय तक शारीरिक मेहनत करने से, और भी कई कारण हो सकते है-
लक्षण
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ब्लड प्रेशर अधिक्तम होने पर कई लक्षण सामने आते है जैसे सर में दर्द रहना, बार-बार गुस्सा आना, दिल का तेजी से धड़कना,शरीर का अलस्त पड़ जाना, नींद का न आना ,नाक से खून आना ,आँखों और कानों से गर्म लपटों का निकलना महसूस होना आदि लक्षण हो सकते है .
अब आपको बताते है हाई ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के लिए कुछ देशी आयुर्वेदिक उपाय है

1. सेब का सिरका: - 

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ये सेब का सिरका शरीर से सोडियम की अतिरिक्त मात्रा को कम करता है व शरीर से विषैले पदार्थ जैसे टॉक्सिंस को बाहर निकाल देता है सेब का सिरका में रेनिन एंजाइम होता है जो ब्लड प्रेशर को कम करता है हृदय में जो ब्लॉकेज होते है उन्हें खोलने में भी मदद करता है।
विधि:- प्रतिदिन एक चम्मच लगभग 5ML सेब के सिरके को एक गिलास सादे पानी में मिलाकर पियें for purchase (click hear)

2. नींबू पानी: -

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नीबू, विटामिन C से भरपूर इसके अम्लीय गुण नशो को नरम और लचीला बनाये रखता है, मृत कोशिकाओं को बहार निकलने में मदद करता है। जो ब्लड प्रेशर को कम करता तथा नियंत्रण बनाने में सहायता करता है।

3. दही: 

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दही में कैल्शियम, विटामिन B6 B12, प्रोटीन और राइबोफ्लेविन पाया जाता है जो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को नियंत्रित करता है ।दही की तासीर ठंडक प्रदान करती है आप अपने आहार में दोपहर व रात्रि अवस्य ले

4.शकरकंद :-

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शकरकंद जो स्वाद में हल्का मीठा होता है इसमें कैल्शियम और कैरोटीन  प्रचुर मात्रा में पाया जाता  है। ये स्ट्रेश को कम करता है व ब्लड प्रेशर को नियंत्रण करता है। इसे अपने खाने में प्रतिदिन 2-3 स्लाइड कच्चा ही खाये सलाद के रूप में। 

5.सोयाबीन :- 

सोयाबीन में लेसीथिन,आइसोफ्लेवोंस,और प्रोटीन पाया जाता है जो एक अच्छा पौष्टिक आहार है ये हड्डियों को मजबूत बनता है,मानसिक संतुलन को ठीक करता है तथा हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है।
सेवन करने की विधि :- रात्रि को २ मुट्ठी लगभग 50 से 70 ग्राम सोयाबीन के दानो को पानी से भरे बाउल में डाले और सुबह होने पर पानी को निकाल दे सोयाबीन को कच्चा ही खाये।

परहेज:- 

नमक का सेवन कम मात्रा में करे ,ज्यादा चटपटा,मांस व मिठाई न खाये दोस्तों  यदि आप को पसंद आये मेरा ये लेख तो प्लीज इसे अपने दोस्तों को शेयर जरूर करें पढ़ने के लिए धन्यवाद।