sar me dard ka ilaj in hindi

Sar Me dard ka Ilaj in Hindi (सर में दर्द का इलाज हिंदी में)
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सिर के दर्द को यदि रोग समझते है तो ये रोग नही  है बल्की ये शरीर के दूसरे अंगो की  क्रियाये सुचारु रूप से न हो पाने से सर दर्द होने लगता है वैज्ञानिक भाषा में नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्या है । साधारण भाषा मे कहे तो ये केवल लक्षण है दुसरे मर्ज के, जैसे- पेट  मे गेस से लेकर ब्रेन ट्यूमर तक । सिर का दर्द ,सिर के किसी भी हिस्से मे हो सकता है । ये सिर के किसी एक बिंदू से सुरु होकर किसी भी बिंदू तक हो सकता है या किसी निस्चित स्थान पर हो सकता है ।कभी कभी तो  सिर का दर्द शुरु होकर गर्दन ओर पीठ मे भी दर्द उत्पन्न कर देता है।
सभी प्रकार का सर दर्द में हमें डॉक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं होती है। इसके लिए हमें जानना है हमारा सर दर्द किस प्रकार का है।

प्राइमरी सिरदर्द-

इस प्रकार के सिर दर्द में बिना किसी बीमारी व चिकित्सा के लिए हमारा
सर दर्द होने लगता है जैसे टेंशन के कारण दर्द
होना, माइग्रेन के कारण दर्द होना प्राइमरी सर दर्द कहलाते हैं
सेकेंडरी सिर दर्द-

वह  जो किसी बीमारी के कारण हमारे  सिर में दर्द उत्पन्न कर रहा हो सेकेंडरी सर दर्द 
कहलाता है जैसे किस इंफेक्शन के कारण हमारे सर में उत्पन्न  हो जाना,
हैंगओवर के कारण, चोट लग जाने के कारण सर में दर्द हो जाना आदि

सर दर्द होने के कारण (SAR DARD HONE KE KARAN)


यदि सर दर्द के कारण देखे जाए तो अनगिनत है सर दर्द हर एक काम करने से हो सकता है पर फिर भी
कुछ कारण इस प्रकार है 
1.तनाव के कारण  2.मानसिक चिंता के कारण  3.सिर में चोट लगने से 
4.किसी दूसरे रोग के कारण  5.ज्यादा शोरगुल के कारण 6.तेज सर्दी खांसी हो जाने के कारण
7.मौसम में तेजी से बदलाव हो जाने के कारण 8.तेज बुखार हो जाने के कारण 
9.थकावट हो जाने के कारण  10.ज्यादा जागने के कारण  11.धूल मिट्टी से एलर्जी के कारण
12.मांसपेशियों की कमजोरी के कारण  13.पेट में कब्ज या गैस होने के कारण 
14.स्त्रियों में हारमोंस के बदलाव के कारण 15.मासिक धर्म में अनियमितता के कारण
16.शरीर को पूर्ण आहार ना मिल पाने के कारण 

सर दर्द ठीक करने के घरेलू उपाय (sar dard theek karne ke gharelu upay)


सिर दर्द का इलाज कराने से बेहतर है कि आप घरेलू दवाइयों का उपयोग करें क्योंकि सिर दर्द में बाहरी दवाइयों का बहुत ज्यादा साइड इफेक्ट पड़ता है और घरेलू दवाइयों से हमेशा के लिए छुटकारा मिलता है कुछ विशेष परिस्थितियों
में ही केवल  एलोपैथिक दवाई करवाएं




1.पिपरमिंट (मेंथॉल ऑयल,Menthol oil)


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सर दर्द को ठीक करने के लिए पिपरमिंट का तेल सबसे बेहतर उपाय है  पिपरमेंट में मेंथॉल होता है जो रक्त
वाहिकाओं को खोल देता है जिसमें रक्त प्रवाहित होने लगता है और ठंडक प्रदान करता है यह सबसे बेहतर उपाय है
घर में सर दर्द को ठीक करने का 

उपयोग करने का तरीका

सर्वप्रथम पिपरमेंट के तेल की 2 - 4 बूंदें एक चम्मच में डालें फिर उसमें 5-6 बूंदें नारियल के तेल और 2-4 बूंद पानी के डालें और इसे मिश्रित कर ले मिश्रित करने के पश्चात मस्तक व सिर में इस तेल से मसाज करें या सिर्फ लगाकर ही छोड़
दें इससे जल्द आराम मिलेगा। 
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2.ठंडा और गर्म सिकाई से सिरदर्द में राहत (Cold and hot compress)

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कई बार हमने देखा  जब मौसम ज्यादा गर्म या ज्यादा ठंडा हो जाता है तो उसका असर हमारे सिर पर पड़ता है और सिर दर्द होने लगता है तो उस परिस्थिति में हमें किसी दवाई को खाने की जरूरत नहीं है उस वक्त में ठंडी या गर्म सिकाई करनी चाहिए
* गर्मी के मौसम में
यदि  ज्यादा गर्मी के मौसम में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है हमारे और सर दर्द को दूर करता है होने लगता है तब -

उपयोग करने का तरीका

बर्फ के टुकड़ों को आइसबैग में भरकर मस्तक और सिर पर 10-15 मिनट रखना चाहिए रक्त का प्रवाह सामान्य हो जाता है और राहत मिलती है यदि आइसबैग उपलब्ध ना हो तब कपड़े या किसी पॉलीथिन का प्रयोग भी कर सकते हैं इससे तुरंत राहत मिलेगी
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* सर्दियों के मौसम में
सर्दियों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है और सर दर्द होने लगता है तब

उपयोग करने का तरीका

हॉट वाटर बैग में गर्म पानी भर कर उससे 10-15 मिनट सिकाई करनी चाहिए यदि हॉट वाटर बैग न हो तब गर्म पानी में टावल भिगोये फिर निचोड़ कर सिकाई करे। यह बहुत ही असरदार तरीका है
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3.काफी दिलाये सिर दर्द में राहत(Coffee provides headache relief )
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कॉफ़ी का प्रयोग कई घरों में किया जाता है इसका सेवन हमारे लिए बहुत ही लाभदायक है कॉफ़ी से मानसिक तनाव और थकान दूर होती है इसमें मौजूद कैफीन के अलावा विटामिन B ,मैग्नीशियम,मैंगनीज,पोटेशियम और फास्फोरस सर दर्द से राहत तुरंत दिलाने का कार्य करती है साथ ही ऊर्जा भी प्रदान करते है।

उपयोग करने का तरीका

कॉफी को आधा से एक चम्मच निश्चित मात्रा में उपयोग करें एक कप कॉफी 3 - 4 घंटो के अंतराल पर पि सकते है ज्यादा उपयोग करने से सर में दर्द बढ़ सकता है।


4.तुलसी का तेल से सिर दर्द में आराम (Basil oil relieves headache)



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तुलसी के पौधे को दैविक एवं औषधीय गुणों के रूप में जाना जाता है ये आयरन ,कैल्शियम ,मैग्नीशियम ,पोटेशियम और विटामिन A का स्रोत है इसका तेल खांसी,कब्ज,अपच ,तनाव ,अकड़न और सर दर्द को दूर करने का कार्य करता है।

उपयोग करने का तरीका-

दो बूँद तुलसी के तेल को एक चम्मच नारियल के तेल में मिलकर उस मिश्रित तेल से हल्के हाथों सर की मसाज करें इससे सिर के दर्द में जल्द आराम मिलेगा यदि बाजार में  उपलब्ध न हो तब घर बैठे मंगवाने के लिए क्लिक करे (......click hear )
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यदि सिर में सामान्य दर्द हो रहा हो ये नुस्खे जरूर प्रयोग करे और यदि समस्या गंभीर हो तो डॉक्टर से तुरंत सलाह ले ये जानकारी अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ हरे रंग के बटन की सहायता से शेयर करे और अपने अनुभव को हमारे साथ जरूर शेयर करे कमेंट के जरिये ताकि हम ये जानकारी सभी तक पंहुचा सके

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घुटनो का दर्द


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कमर दर्द का इलाज

आज इस लेख में मैं आपको बताऊंगा कमर दर्द क्यों होता
है ,कब होता है ,होने के मुख्य कारण क्या है और कमर
दर्द में राहत के घरेलु उपाय के बारे में।  कमर दर्द तो
आम बात है किसी को हो सकता है। अभी तक तो सिर्फ
तीस साल की उम्र के ऊपर के लोगो को हीये दिक्कत
आती है पर अब सभी उम्र के लोगो को कमर दर्द की
समस्या हो जाती है एक बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी
को होने लगी है  पीठ और कमर के दर्द से और भी
कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए
इसका इलाज जल्द से जल्द करवाना चाहिए ताकि भविष्य
में मुसीबतों का सामना न करना पड़े जब कमर दर्द सताता
है तो हमें नानी याद दिला देता है क्योंकि कमर दर्द में
न तो सही से चल -फिर पाते,न बैठ पाते है ,न सो पाते
हिलने तक नहीं देता है अब समझ गए होंगे कितना
भयानक दर्द होता है।
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परेशान होने की कोई जरूरत नहीं आप इसे कुछ घरेलू
नुस्खो की सहायता से भी ठीक कर सकते है जिसका आपके
शरीर पर कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होगा।

कमर दर्द होने के कारण -

1.मांसपेशियों में खिंचाव होना व हड्डियों में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा न पहुंच पाना सबसे बड़ा कारण  है कमर दर्द का 
2. झुक कर बैठने व झुक कर चलने से भी कमर में दर्द की समस्या उत्पंन हो जाती है वही इसके विपरीत देर तक खड़ेहोकर कार्य करने से भी कमर और पीठ का दर्द होने की समस्या हो जाती है ।
3. कुर्सी पर घंटों बैठकर कार्य करने के कारण गलत तरीके से वजन को  उठाने के कारण 
4. यदि सोने का तरीका सही नहीं है ,गद्दा जिसपे आप सोते है ,तो ये भी कारण है 
5. रीड की हड्डी में पुरानी चोट और लचक के कारण भी कमर दर्द की समस्या आ जाती है। 
6. जंक फ़ूड का ज्यादा सेवन व सही खान पान न होने के कारण भी पीठ और कमर में दर्द हो सकता है
7. शरीर की दुर्बलता के कारण भी कमर और पीठ में दर्द होता है
8. ज्यादा वर्कआउट और मेहनत का कार्य करने से 
9. व्यायाम,कसरत न करना भी एक कारण है
10.अधिक हस्तमैथुन ,भोग विलास से भी कमर दर्द की समस्या सामने आ जाती है
11. सर्जिकल डिलीवरी के चलते भी कई बार कमर में दर्द हो जाता है 
12. ऊंची हील  की चप्पल या सैंडल पहनने से भी कमर में दर्द हो सकता है

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कमर दर्द के लक्षण-

कमर दर्द होने के लक्षण कुछ इस प्रकार है
कमर व पीठ में अचानक दर्द होना
कमर का दर्द धीरे-धीरे व रुक रुक कर होना
कमर में हमेशा दर्द बने रहना
उठने में दर्द होना और बैठने में कमर में दर्द होना

कमर दर्द ठीक करने के उपाय

कमर दर्द ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय हमारे ब्लॉग kamar dard ka ilaj में इस प्रकार हैं-


कमर दर्द में करें मालिश

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जब भी कमर दर्द हो तो हलके हाथों करें मालिश, मालिश करने से रीड की हड्डी के  जोड़ें अपनी जगह आसानी से बैठ जाते हैं और दर्द कम हो जाता है इसके लिए आप घर पर मालिश तेल बना सकते हैं मालिश तेल बनाने की सामग्री जैतून का तेल, तिल का तेल, अरंडी का तेल  इन तीनों तेलों की एक एक चम्मच एक कटोरी में डाल ले और मिला ले उसे धूप में रख दें ताकि वह गर्म हो जाए जब यह गर्म हो जाए तो इस तेल से मसाज या मालिश करें दिन में एक या दो बार जरूर करें

व्यायाम व योगा से ठीक होगा कमर का दर्द
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बढ़ती उम्र के साथ-साथ नसों में खिंचाव आना एक आम बात है इसलिए आपको प्रतिदिन कम से कम 1 किलोमीटर मॉर्निंग वॉक करनी चाहिए जिससे रक्त संचार होता है  योगा व कसरत करने से गर्दन ,कंधा,बजाएं, कमर, पीठ व मांसपेशियों में तनाव या खिंचाव नहीं होता है शरीर में चुस्ती - फुर्ती बनी रहती और आप तंदुरुस्त रहते हैं कमर दर्द के लिए खासतौर पर उत्तानपादासन, भुजंगासन व हलासन जरूर करें धयान रखे यदि योग और एक्ससरसाइस करने के बाद भी पीठ और कमर के दर्द में आराम नहीं मिल रहा हो तो तुरंत बंद कर दें .


सिकाई करने से ठीक होगा कमर का दर्द

कमर दर्द में सिकाई  करने से बहुत ही आराम पहुंचाता है कमर दर्द की सिकाई कई प्रकार से की जा सकती है 
1.लगभग 200 ग्राम पिसा हुआ नमक को कड़ाई में डालकर गर्म करें गर्म करते वक्त   इसे चम्मच से चलाते रहें ताकि अच्छे से गर्म हो सके फिर से मोटे सूती कपड़े में या अच्छे रुमाल में बांध के पोटली बना लें और प्रभावित जगह यानी दर्द वाली जगह पर सिकाई करें
2. हॉट वाटर बैग मैं गर्म पानी भर कर  सिकाई कर सकते हैं याद रखें प्लास्टिक की बोतल में पानी  भरके सिकाई ना करें कांच की बोतल में पानी भरकर सिकाई कर सकते हैं 
3.गर्म पानी में टावल डाल कर  उसे निकाल के पानी निचोड़ कर उस गर्म टावल से भी शिकायत कर सकते हैं


मेथी दाना से ठीक होगा कमर का दर्द

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कई तत्वों युक्त मेथी दाना सभी घरों की रसोई में खाना बनाने के प्रयोग में किया
जाता है मेथी कई रोग में उपचार के रूप में प्रयोग की जाती है जैसे - बात गठिया
जोड़ों का दर्द डायबिटीज बदहजमी में केलोस्ट्रोल व सूजन मैं यह कमर के दर्द में
बहुत कारगर होती है क्योंकि इसमें एंटी- इफ्लेमेटरी के गुण जो दर्द निवारक का
कार्य करते हैं

 मेथी का सेवन करने की विधि 

एक गिलास गुनगुने दूध में एक चम्मच मेथी पाउडर डालकर अच्छे से मिला दे और
इसका सेवन कर ले यदि स्वाद में कुछ कड़वा और  खराब लगे तो शहद को भी मिला
सकते हैं दो चम्मच  मेथी दाने को रात मैं एक गिलास गर्म पानी में डालकर रख दे
सुबह होने पर पानी को पी जाइए और हो सके तो इसमें  के मेथी दाने को चबा चबा कर
खाएं ताकि मुंह में लार जा सके यह बहुत जल्द ही अपना असर दिखाने लगता है
खासतौर से कमर दर्द में

kamar dard ka ilaj के लिए गर्म पानी से नहाए
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जब हम गर्म पानी से नहाते है तो हमारे शरीर को उस गर्म पानी से उष्मीय ऊर्जा मिलती है क्यूंकि ऊष्मा का स्थानान्तरण उच्च ताप से निम्न ताप की ओर होता है जो थकावट,सूजन,दर्द को दूर करता है यदि घर में बाथ टब हो तो उसमें गरम पानी भरकर उसी में नहाए और न हो तो बाल्टी और डिब्बे से ही गर्म पानी पीठ और कमर पर डाले ये सबसे असरकारक देशी नुस्खा है इसे आप दिन में एक से दो बार कर सकते है और प्रतिदिन कर सकते है बस ध्यान रहे पानी ज्यादा गर्म न हो अन्यथा त्वचा जल सकती है

दूध से दूर होगा कमर का दर्द
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दूध से दूर होगा कमर का दर्द 

दूध से तो सभी लोग भली भात परिचित है दूध एक पूर्ण आहार है इसमें उपस्थित कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता जिसके परणामस्वरूप किसी भी प्रकार की हड्डियों से सम्बंधित बीमारियो को दूर करता है व हड्डियों को मजबूत बनाता है और साथ ही शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को भी मजबूत बनाता है . दूध आपदिन में दो बार और हर रोज गुनगुना करके स्वाद अनुसार शहद मिलाकर पी सकते है

पीठ और कमर के दर्द के बारे में आपने जाना ये सभी नुस्खे सामान्य कमर दर्द के लिए जरूर प्रयोग करे और यदि समस्या गंभीर हो तो डॉक्टर से तुरंत सलाह ले ये जानकारी अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ हरे रंग के बटन की सहायता से शेयर करे और अपने अनुभव को हमारे साथ जरूर शेयर करे कमेंट के जरिये ताकि हम ये जानकारी सभी तक पंहुचा सके


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घुटनो का दर्द




घुटनो का दर्द

घुटनो का दर्द


आजकल के जवानों को भी घुटनो में दर्द की समस्या आने लगी है अभी तक यह समस्याएं केवल वृद्धों को  होती थी. आज के युग में कोई भी बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है क्योंकि लोगों की व्यस्तता उनका खान-पान और उनकी जीवन शैली पर कोई लगाम नहीं रहा  है ‘‘ पहला सुख है सुंदर काया ’’ इस बात को ध्यान रखते हुए आपको अपने शरीर के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए .तो बात करते हैं घुटनो का दर्द
यह बहुत ही दर्दनाक ,तकलीफदायक होता है, हमारे पास आपको स्वस्थ रखने के लिए कुछ है


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घुटनो का दर्द होने के कारण


1.घुटनों की मांसपेशियों में रक्त का संचार सही से न  हो पाने के कारण
2.शरीर का वजन  हड्डियों के अनुपात में ज्यादा बढ़ जाने के कारण
3.घुटनों का कार्टिलेज व  लिगामेन्ट मैं घिसाव हो जाने के कारण भी घुटनो का दर्द उत्पन्न हो जाता है
4. अत्यधिक परिश्रम करने पर भी जैसे मजदूरी या जिम में परिश्रम के कारण भी घुटनो में दर्द हो सकता है 
5.घुटनों में  अचानक चोट से जमा  खून का ना निकल पाने के कारण घुटनो में दर्द की समस्या हो जाती है 
6. झटका,मोच या गलत ढंग से  चलने पर भी घुटनों में दर्द हो सकता है
7.वृद्धावस्था में शारीरिक ऊर्जा कम हो जाने के कारण घुटनो में दर्द होने की समस्या हो जाती है
8.घुटनों में संक्रमण होने के कारण

घुटनो का दर्द ठीक करने के उपाय-


 परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है घुटनो का दर्द आपके जीवन की रुकावट नहीं  बनेगा देशी स्वास्थ्य गुरु आपके लिए लाए हैं घुटनो का दर्द ठीक करने के आसान से घरेलू तरीके जो पूर्ण आयुर्वेदिक और कारगर है

1. जैतून का तेल-


जैतून के तेल में मौजूद  ओलेयूरोपिनऔर टायरोसोल तत्व विद्यमान होते हैं जो घुटनो के दर्द से राहत दिलाता है  इसे बच्चों की मालिश में प्रयोग किया जाता है ताकि हड्डियां मजबूत हो सके 
उपयोग करने का तरीका -
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जैतून के  तेल को धूप में रख दें हल्का गर्म होने पर उस तेल से हल्के हाथों मसाज करें धीरे-धीरे मसाज करें ताकि वह तेल त्वचा में समा जाए ऐसा दिन में दो बार जरूर करें । जैतून का तेल मंगवाने के लिए (click here...)

2. ठंडी और गर्म सिकाई-

घुटनों के दर्द में ठंडी और गर्म सिकाई बहुत जल्द आराम देती है दोनों को एक साथ करना होता है सिकाई करने से दर्द और सूजन दोनों  चले जाते हैं घुटने पर पहले एक ठंडे ( बर्फ ) पानी के पैकेट से सिकाई करें जो दर्द वाली जगह को संवेदन-शून्य कर देता है फिर एक गर्म पानी के पैकेट  से सिकाई करें जो रक्त प्रवाह बढ़ता है यह सिकाई दिन में दो बार जरूर करें ताकि घुटनों के दर्द में जल्दी आराम मिल सके
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3. देशी मेथी-


मेथी रसोईघर या बाजार में आसानी से  उपलब्ध हो जाती है इसमें एनाल्जेसिक गुण होने के कारण यह दर्द निवारक व सूजन को कम करती है प्रयोग करने  का तरीका- इसे प्रयोग करने का तरीका बहुत ही आसान है रात में 2 चम्मच मेथी दाना को गुनगुने पानी में भिगो दें और सुबह होने पर मेथी दानों को चबाकर खाएं ताकि उसकी लार  आपके पेट में जा सके और साथ ही उस पानी को भी पिए हो सके तो इसे खाली पेट ही प्रयोग करें
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4.सेब का सिरका-
सेब का सिरका जोड़ो के दर्द और सूजन में बहुत ही कारगर है क्यों की इसमें चमत्कारी गुण होते है ।
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उपयोग करने का तरीका - एक गिलास  साधरण पानी में एक चम्मच सेब के सिरके को अच्छे से मिलाएं और इसे प्रतिदिन खाली पेट पिए . तथा एक चम्मच सिरका में एक चम्मच अरंडी का तेल को मिलाकर दर्द वाले स्थान पर मालिश करे .मालिश दिन में दोबार जरूर करे ताकि जल्द से जल्द आराम मिले।सेब का सिरका मँगवाने के लिए  ( CLICK  HERE..)

अन्य सुझाव - घुटने से सम्बंधित योगासन जरूर करे,दूध दही जरूर खायें ,यदि आप नॉनवेज है तो मछली हफ्ते में दो बार खाये ,पानी भरपूर मात्रा में पिए काम से कम ४ लीटर प्रति दिन,एक्सरसाइज जरूर करे ताकि रक्त का संचार अच्छे तरीके से हो सके,जूते चप्पल हमेशा आरामदायक होना चाहिए,पौष्टिक आहार लें ताकि हड्डियां मजबूत और मांसपेशियां ताकतवर बने।
हमें उम्मीद है इन घरेलू उपायों से घुटनो के दर्द में जरूर फायदा होगा कृपया अपने विचार और सुझाव कमेंट के जरिए हमारे साथ शेयर जरूर करें और हा दोस्तों इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ नीचे लगे हरे बटन से शेयर जरूर करे ताकि उन्हें भी लाभ हो सके धन्यवाद 

पेट में गैस-Gas in Stomach

Gas in Stomach-पेट में गैस


दोस्तों आज हम बदलती हुई लाइफ स्टाइल को देख ही रहे है हर चीज बदलती  जा रही है व्यस्तता के कारण आज हर इंसान अपना काम शॉर्टकट मै करना चाहता है चाहे वह भोजन की हो या कपड़ों के तरीके की हो या वो सफर करने की हो या कमाने की हो , इन सब चीजों को देखते हुए इंसान अपने स्वास्थ्य को बिल्कुल भूल ही जाता है और जब बीमार पड़ता है तो उसमें भी शॉर्टकट ही अपनाता है डॉक्टर के पास गए 2 इंजेक्शन लगवा लिया 4 टेबलेट खा लिया ठीक हो गये क्या कभी  एलोपैथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट के बारे में सोचा या जानने की कोशिश की यह प्राकृतिक शरीर प्रकृति की सामग्रियों से बना है हमें केमिकल युक्त दवाइयों का उपयोग नहीं करना चाहिए कोई विशेष परिस्थिति हो तब कर सकते हैं अन्यथा प्राकृतिक औषधियों का उपयोग करना चाहिए आज हम बात कर रहे हैं पेट मे गैस की समस्या के क्या परिणाम होते हैं भूख कम लगना , पेट में दर्द होना , सिर में दर्द होना , सांस लेने में परेशानी, पेट ,खट्टी डकार आना और भी कई समस्याएं हो सकती हैं

किन कारणों से पेट में गैस की समस्या होती है-

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पेट मे गैस बनने के कारण

पेट में गैस बनने के कई कारण हैं कुछ इस प्रकार
1. पेट में अच्छे और खराब बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाने के कारण पेट में गैस बनती है।
2. उम्र बढ़ने पर हमारा डाइजेशन अच्छे से कार्य नहीं करता है इस कारण भी पेट में गैस बनने लगती है। 
3. कब्ज होने के कारण भी हमारे शरीर से टॉक्सिंस बाहर नहीं आ पाते हैं इस कारण भी पेट में गैस बनती है।
4. कुछ एलोपैथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट होने के कारण भी हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया कमजोर पड़ जाते हैं इस कारण भी पेट में गैस बनती है।
5. यदि खाने को अच्छे तरीके से चबाके नहीं खाया तो इस कारण भी पेट में गैस बनने लगती है। 
6. ज्यादा चिकनाई युक्त भोजन खाने से हमारा पाचन तंत्र पचा नहीं पाता है  इस कारण भी पेट में गैस बनने लगती है ।
7. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर पेट में गैस बनती है
8. कभी-कभी अधिक तनाव लेने के कारण भी  पेट में गैस बनने लगती है
9. बाइल एसिड के जमा होने पर पेट में गैस बनने लगती है
10. अधिक शराब काफी-चाय पीने से भी पेट में गैस बन सकती है
11. प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण भी पेट में गैस बनती है
12.खाली पेट रहने से भी पेट में गैस बनती है इसलिए समय पर खाना खाते रहना चाहिए


पेट में गैस बनने पर इन घरेलू नुस्खों का उपयोग करें 
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1.आंवला एलोवेरा जूस  1-1 चम्मच और उसमें काला नमक मिलाकर
पिए 
2.नींबू वह अदरक का एक एक चम्मच जूस निकाले उसमें एक चुटकी
काला नमक मिलाकर पीएं इससे पेट की गैस दूर हो जाएगी 
3. भुनी हुई हींग में काला नमक मिलाकर चूर्ण बनाने इस चोर को खाने
के बाद खाकर हल्का गुनगुना पानी पीने से पेट में गैस नहीं बनती है
4. अजवाइन के चूर्ण में हल्का काला नमक मिलाकर खाने से पेट में हुई
गैस से राहत मिलती है 
5.एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से पेट में 
गैस से राहत मिलती है
6. दो चम्मच खड़ा धनिया रात्रि को एक गिलास पानी में भिगो दें सुबह
इस को छानकर पिएं इससे पेट में गैस की समस्या दूर हो जाती है
7.प्रतिदिन व्यायाम  करें इससे भी पेट मे गैस की सारी समस्याएं दूर हो
जाती है
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पेट में गैस बनने पर करें परहेज

1. खाली पेट बिल्कुल नहीं रहना है  अंकुरित आहार जरूर ले
2. पानी अधिक मात्रा में पिएं ताकि पेट सा रहे और पेट में गैस ना बने
3. सिगरेट और शराब का सेवन बहुत कम मात्रा में करना है
4. ज्यादा तला हुआ भोजन ना खाएं
दोस्तों यह जानकारी बहुत ही उपयोगी है आप से निवेदन है इसे अपने
दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ हरे बटन पर क्लिक करके शेयर जरूर करें ताकि उन्हें भी लाभ हो सके और अंग्रेजी दवाइयों से बच सकें  धन्यवाद
जय हिंद जय भारत जय आयुर्वेद
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